राधा रानी का मंत्र क्या है

तो दोस्तों कहा जाता है कि राधा रानी की आराधना करें बिना श्री कृष्ण जी की कृपा प्राप्त करना असंभव है, जिस प्रकार से देश भर में कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व मनाया जाता है उसी तरह राधा अष्टमी का त्यौहार भी बड़े हर्ष से मनाया जाता है, जिसमें की राधा रानी की पूजा की जाती है। कहा जाता है कि इस दिन राधा रानी के साथ श्री कृष्ण जी की पूजा करने से हमें दोनों का आशीर्वाद प्राप्त होता है, तो आज के इस आर्टिकल में हम आपको राधा अष्टमी और राधा जी के उन मंत्रो के बारे में बताने वाले हैं जिसकी मदद से आप आसानी से उन्हें प्रसन्न करके उनकी कृपा प्राप्त कर सकते हैं। तो अगर आप भी यह जानना चाहते हैं तो इसके लिए इस आर्टिकल को आखिरी तक जरूर पढ़ें।

राधा अष्टमी कब मनाई जाती है?

हम आपको बता दे की जिस प्रकार से भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को जन्माष्टमी मनाई जाती है, उसी प्रकार भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को राधा अष्टमी मनाई जाती है, जो की राधा रानी को समर्पित होता है, क्योंकि इस दिन राधा रानी का जन्म हुआ था। कहा जाता है की जो व्यक्ति जन्माष्टमी की पूजा करता है, अगर वह राधा अष्टमी को भी पूजा करें, तो उसे उस पूजा का दुगना फल प्राप्त होता है, और उसे श्री कृष्ण जी और राधा जी दोनों का आशीर्वाद प्राप्त होता है। राधा अष्टमी के दौरान भी आपको व्रत करना होता है, और Radha Chalisa और उनकी आरती करके उनकी पूजा करनी होती है। तो चलिए आगे बढ़ते हैं और आपको राधा रानी के मंत्रो के बारे में बताते हैं।

राधा रानी का मंत्र क्या है?

तो दोस्तों अगर बात करें राधा रानी के मंत्रो की तो राधा रानी के एक नहीं बल्कि कई मंत्र हैं, तो चलिए आगे आपको राधा रानी के कुछ पवित्र और महत्वपूर्ण मंत्रो के बारे में बताते हैं जिसका जाप करके आप आसानी से उन्हें प्रसन्न करके उनकी कृपा प्राप्त कर सकते हैं।

ओम ह्रीं राधिकायै नम:।

ओम ह्रीं श्रीराधायै स्वाहा।

दोस्तों इसे राधा रानी का सप्ताक्षर मंत्र कहा जाता है। इसका जाप करने से आपको राधा रानी की कृपा प्राप्त होती है, और आपकी हर परेशानी समाप्त हो जाती है। कहा जाता है कि इस मंत्र का जाप आपको सवा लाख बार करना चाहिए, इससे आपको आपका व्रत और पूजन का बहुत ही अच्छा फल प्राप्त होता है।

ऊं ह्नीं श्रीं राधिकायै नम:।

यह मंत्र भी राधा रानी का एक महत्वपूर्ण मंत्र है, इसे अष्‍टाक्षर मंत्र कहते हैं। कहा जाता है कि इस मंत्र का जाप करने से व्यक्ति की हर मनोकामना पूर्ण होती है, और राधा भी बहुत ही ज्यादा प्रसन्न होती है। इस मंत्र का जाप व्यक्ति को 16 लाख बार करना चाहिए, जिससे कि उसकी हर मनोकामना पूर्ण होती है।

राधा रानी के मंत्र का जाप कितनी बार करना चाहिए?

 कई लोगों के मन में यह सवाल रहता है की राधा रानी के सभी मंत्रों का जाप कितनी बार करना चाहिए, तो दोस्तों हम आपको बता दें कि राधा रानी के सभी मंत्रों का जाप कुल मिलाकर 108 बार करना बहुत ही ज्यादा शुभ और फलदाई माना गया है, तो अगर आपके पास इतना अधिक समय नहीं है, कि आप सवा लाख या फिर 16 लाख बार मंत्र का जाप करें, तो आप सिर्फ और सिर्फ 108 बार ही इन मंत्रों का जाप करके राधा रानी की कृपा प्राप्त कर सकते हैं।

Conclusion

तो दोस्तों उम्मीद है कि अब आपको राधा रानी के उन मंत्रो के बारे में पता चल गया होगा, जिसका जाप करके आप उन्हें प्रसन्न करके उनका आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं। वैसे तो इस वर्ष राधा अष्टमी का पर्व जा चुका है, लेकिन अगर आप चाहे तो अगले वर्ष से आने वाले राधा अष्टमी के पर्व के दौरान इन मंत्रों का जाप करके आसानी से राधा रानी को प्रसन्न करके उनका आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं।

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